Sahir Ludhianvi - Sahir Ludhianvi Poetry - Love Poetry

देखा है ज़िंदगी को कुछ इतना क़रीब से - Dekha hain jindagi ko kuch - Sahir Ludhiyanvi.



Dekha hain jindagi ko kuch - Sahir Ludhiyanvi.
Sahir Ludhiyanvi

देखा है ज़िंदगी को कुछ इतना क़रीब से
चेहरे तमाम लगाने लगे हैं अजीब से 

इस रेंगती हयात का कब तक उठायें बार
बीमार अब उलझने लगे हैं तबीब से
[बार = वजन ; तबीब = हकिम ] (Dekha hain jindagi ko kuch - Sahir Ludhiyanwi.)

हर गाम पर है मजमा-ए-उश्शाक़ मुंतज़ीर
मक़तल की राह मिलती है कू-ए-हबीब से
[गाम = कदम ; उशशाक़ = प्यार करने वाले; मक़तल = मौतगाह; कू-ए-हबीब = दोातों की गली]

इस तरह ज़िंदगी ने दिया है हमारा साथ
जैसे कोई निबाह रहा हो रक़ीब से (Dekha hain jindagi ko kuch - Sahir Ludhiyanwi.)

ऐ रूह-ए-असर जाग कहाँ सो रही है तू
आवाज़ दे रहे हैं पयम्बर सलीब से (Dekha hain jindagi ko kuch - Sahir Ludhiyanwi.)

– साहिर लुधियानवी - Sahir Ludhianvi




मैं ने जो गीत तेरे प्यार की खातिर लिखे - Maine jo Geet tere pyar ke, Sahir ludhiyanvi.

Maine jo Geet tere pyar ke, Sahir ludhiyanvi.
Sahir ludhiyanvi.

मैं ने जो गीत तेरे प्यार की खातिर लिखे
आज उन गीतों को बाज़ार में ले आया हु

आज दुकान पे नीलाम उठेगा उन का
तूने जिन गीतों पे रखी थी मुहब्बत की असास
आज चाँदी की तराज़ू में तुलेगी हर चीज़
मेरे अफ़्कार मेरी शायरी मेरा एहसास
[असास=नीव ; अफ़्कार= लिखा हुआ ] (Maine jo Geet tere pyar ke, Sahir ludhiyanvi)

जो तेरी ज़ात से मनसुुब थे उन गीतों को
मुफ़लिसी जिंस बनाने पे उतर आई है
भूख तेरे रुख्ह-ए-रंगीन के फसानों के एवज
चंद आशिया-ए-ज़रुरत की तमन्नाई है (Maine jo Geet tere pyar ke, Sahir ludhiyanvi)

देख इस अरसागह-ए-मेहनत-ओ-सरमाया में
मेरे नग्में भी मेरे पास नहीं रह सकते
तेरे जलवे किसी ज़रदार की मिरास सही
तेरे ख़ाके भी मेरे पास नहीं रह सकते
[अरसागह-ए-मेहनत-ओ-सरमाया= मेहनत और दौलत की लड़ाई;ज़रदार=आमिर ; मिरास= जागीर ] (Maine jo Geet tere pyar ke, Sahir ludhiyanvi)

आज उन गीतों को बाज़ार में ले आया हु
मैं ने जो गीत तेरे प्यार की खातिर लिखे (Maine jo Geet tere pyar ke, Sahir ludhiyanvi)

– साहिर लुधियानवी - Sahir Ludhianvi 



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हवस-नसीब नज़र को कही क़रार नहीं - Hawas Naseeb Nazar ko, Sahir Ludhiyanvi. 


Hawas Naseeb Nazar ko, Sahir Ludhiyanvi.
 Sahir Ludhiyanvi

हवस-नसीब नज़र को कही क़रार नहीं
मैं मुंतज़ीर हूँ मगर तेरा इंतज़ार नहीं (Hawas Naseeb Nazar ko, Sahir Ludhiyanwi)

हमी से रंग-ए-गुलिस्ताँ हमी से रंग-ए-बहार
हमी को नज़्म-ए-गुलिस्ताँ पे इख्ह्तियार नहीं

अभी ना छेड़ मोहब्बत के गीत ए मुतरिब
अभी हयात का माहौल खुशगवार नहीं (Hawas Naseeb Nazar ko, Sahir Ludhiyanwi)

तुम्हारे अहद -ए-वफ़ा को अहद मैं क्या समझूँ
मुझे खुद अपनी मोहब्बत का ऐतबार नहीं

ना जाने कितने गिले इस में मुज़्तरिब है नदीम
वो एक दिल जो किसी का गिलागुसार नहीं (Hawas Naseeb Nazar ko, Sahir Ludhiyanwi)

गुरेज़ का नहीं क़ायल हयात से लेकिन
जो सोज़ कहू तो मुझे मौत नागवार नहीं

ये किस मक़ाम पे पहुँचा दिया ज़माने ने
की अब हयात पे तेरा भी इख्ह्तियार नहीं (Hawas Naseeb Nazar ko, Sahir Ludhiyanwi)

– साहिर लुधियानवी - Sahir Ludhianvi 


चाँद मद्धम है आसमान चुप है - Chaand Madhaam Hain, Sahir ludhiyanvi. 


Chaand Madhaam Hain, Sahir ludhiyanvi.
Sahir ludhiyanvi

चाँद मद्धम है आसमान चुप है
नींद किी गोद में जहाँ चुप है

दूर वादी में दूधिया बादल
झुक के परबत को प्यार करते हैं
दिल में नाकाम हसरतें लेकर
हम तेरा इंतज़ार करते हैं. (Chaand Madhaam Hain, Sahir ludhiyanvi)

इन बहारों के साए में आ जा
फिर मोहब्बत जवान रहे ना रहे
ज़िंदगी तेरे ना-मुरादों पर
कल तलक़ मेहरबान रहे ना रहे

रोज़ की तरह आज भी तारे
सुबह की गार्ड में ना खो जाएँ
आ तेरे गम में जागतीी आँखें
कम से कम एक रात सो जाएँ (Chaand Madhaam Hain, Sahir ludhiyanvi)

चाँद मद्धम है आसमान चुप है
नींद किी गोद में जहाँ चुप है (Chaand Madhaam Hain, Sahir ludhiyanvi)

– साहिर लुधियानवी - Sahir ludhiyanwi. 



मोहब्बत तर्क की मैंने ग़रेबान सी लिया मैंने - Mohabbat Tark Ki Maine, Sahir ludhiyanvi. 


Mohabbat Tark Ki Maine, Sahir ludhiyanvi.
Sahir ludhiyanvi

मोहब्बत तर्क की मैंने ग़रेबान सी लिया मैंने
ज़माने अब तो खुश हो ज़हर ये भी पी लिया मै ने

अभी ज़िंदा हूँ लेकिन सोचता रहता हूँ खल्वत में
की अब तक किस तमन्ना के सहारे जी लिया मैंने(Mohabbat Tark Ki Maine, Sahir ludhiyanwi)

उन्हें अपना नहीं सकता मगर इतना भी क्या कम है
की कुछ मुद्दत हसीं ख्वाबों में खो कर जी लिया मैंने

बस अब तो दामन-ए-दिल छोड़ दो बेकार उम्मीदों
बहुत दुख सह लिए मैंने बहुत दिन जी लिया मैने(Mohabbat Tark Ki Maine, Sahir ludhiyanwi)

– साहिर लुधियानवी - Sahir Ludhianvi 


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